VIDEHA

तीने टा अछि ऋतु

In पञ्जी, पद्य, मैथिली, रचना, विदेह, maithili, music, videha on जुलाई 17, 2008 at 4:39 अपराह्न

तीने टा अछि ऋतु
पुछल स्कूल किएक नहि अयलहुँ।

मास्टर साहेब होइत छल बर्खा,
जाइतहुँ हम भीगि।
बर्खामे जायब अहाँ भीगि,
गर्मीमे लागत लू-गर्मी,
आ’ जाड़क शीतलहरीमे,
हाड़-हाड़ होइत जायब यौ,
बौआ होइत अछि ई तीनियेटा ऋतु,
सालमे पढ़ाई-पढय कहिया जायब यौ।

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