VIDEHA

विदेह वर्ष-1मास-1अंक-2 (15.01.2008)

In कथा, मैथिली, विदेह, maithili, videha on जुलाई 21, 2008 at 2:40 अपराह्न

विदेह वर्ष-1 मास-1 अंक-2

संपादकीय
(15.01.2008)

एहि दोसर अंककेँ प्रस्तुत करैत हम हर्षित छी। एहि मे 1.मिथिला पेंटिंग, 2.रचना लिखबासँ पहिने छन्द,संस्कृत-मैथिलीक ज्ञान आ’ अन्यान्य शिक्षा3.संस्कृत शिक्षाक आ’ 4. ‘बालानाम् कृते’ नामसँ छोट बच्चा संबंधित सामग्री सम्मिलित कएल जा’ रहल अछि। जे मेल सभ प्राप्त भेल ताहि मे oldmani@umainc.com,iipkarna@yahoo.com,jyotiprakash.lal@gmail.comआ’bibhutithakur2000@yahoo.com केर मेल उत्साहवर्द्धक छल आ’ एहिमे किछु महत्त्वपूर्ण सुझाव सेहो प्राप्त भेल। ओहि आधार पर उपरोक्त लिखित चारि स्तंभक अतिरिक्त 5.पंजी-प्रबंध 6.संस्कृत आ’ मिथिला संस्कृत विश्वविद्यालयक प्रासंगिकता आ’ 7.Computers, softwares, interfacing of the old & new (restoring old photographs, songs on disks, tapes, etc) पर सामग्रीक प्रारम्भ कए देल गेल अछि ।अगला अंकसँ संगीत-शिक्षाक आरंभ कएल जायत।पाठक एहि सभसँ संबंधित आ’ अन्यान्य रचना सभ ggajendra@yahoo.co.in केँ अटैचमेण्टक रूपमे .doc, .txt किंवा .pdf फॉर्मेटमे पठाय सकैत छथि। प्रवासी पद्यक अंतर्गत ज्योति झा चौधरीक कविता सेहो अंतमे देल गेल अछि,आ’ आशा करैत छी जे ओ’ मैथिलीमे सेहो रचना सभ पठओतीह।पिछला साल तीन महिना मीराम्बिका आऽ मदर इंटरनेशनलक शिक्षक-शिक्षिकाकेँ संस्कृत संभाषणक शिक्षा देबाक हेतु श्री अरविन्द आश्रम,नव देहली मे हमरा बजाओल गेल
छल।ओहि क्रममे जे नोट बनेलहुँ तकरे संस्कृत शिक्षाक अंतर्गत हम दय रहल छी।
एहि अंक मे अछि
1. शोध लेख.
2.मैथिली रामचरित मानस-मैथिली
समालोचनाक विफलता (पृ. 4 सँ 11 )
2. उपन्यास
1.सहस्रबाढ़नि(आगाँ) (पृ. 12 सँ 13 )

3.महाकाव्य 1.महाभारत(आगाँ) (पृ.14 सँ19 )

4.कथा 2.गंगा-ब्रिज (पृ. 20 सँ 25 )

5.पद्य 45 सँ आगाँ (पृ.26 सँ39 )
6.संस्कृत शिक्षा (पृ.40सँ47 ) 7.मिथिला कला-चित्रकला (पृ.48 सँ 49 ) 8.बालानांकृते-डाकूरौहिणेय (पृ.50 सँ 53 )
9.पंजी-प्रबंध (पृ. 54सँ 55 )
10.मिथिला आऽ संस्कृत- दरिभङ्गा संस्कृत विश्वविद्यालयक प्रासंगिकता (पृ.56सँ58 )
11.भाषा आऽ प्रौद्योगिकी (कंप्युटर,छायांकन,कीबोर्ड/टंकणक तकनीक) (पृ. 59सँ59 )
12.रचना लिखबासँ पहिने… (पृ. 60सँ61 )
13.आऽ अंतमे प्रवासी मैथिलक हेतु अंग्रेजीमे
VIDEHA MITHILA TIRBHUKTI TIRHUT(आगाँ) (पृ.62सँ78 )

14.प्रवासी अंग्रेजी पद्य(ज्योति झा चौधरीक) (पृ.79सँ80)

एहि प्रथम अंककेँ कुल मिलाय नीचाँ लिखल पाँच लिंक पर राखल गेल आ’ एहि अल्पावधिमे 603 गोटे इंटरनेट उपयोगकर्त्ता मैथिलीभाषी पाठक, एहि पत्रिकाकेँ पढ़य हेतु लॉग- इन कएलन्हि।
http://www.esnips.com/web/ggajendra-MAITHILI
http://www.esnips.com/web/TIRBHUKTI
http://www.esnips.com/web/tirhut
http://www.esnips.com/web/videha
http://www.esnips.com/web/videhajournal

प्रचारक उद्देश्यसँ ढ़ेर रास ई-मेल पठाओल गेल आ’ कतेको प्लेटफॉर्मसँ ब्लॉगक प्रयोग कएल गेल। किछु पाठककेँ बेर-बेर ई-मेल गेल होयतन्हि से संभव, आ’ ताहिसँ भेल असुविधाक हेतु हम क्षमाप्रार्थी छी।

अपनेक प्रतिक्रिया आ’ रचनाक प्रतीक्षा अछि।

गजेन्द्र ठाकुर
नई दिल्ली 15.01.2008

© सर्वाधिकार लेखकाधीन आ’ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन। विदेह (पाक्षिक) संपादक-गजेन्द्र ठाकुर। एतय प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक अधिकार एहि ई-पत्रिकाकेँ छैक।रचनाकार अप्पन मौलिक आ, अप्रकाशित रचना सभ(जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखकगणक मध्य छन्हि) ggajendra@yahoo.co.in केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमे .doc, .txt किंवा .pdf फॉर्मेटमे पठाय सकैत छथि।रचनाक संग रचनाकार अप्पन संक्षिप्त परिचय(बायोडाटा) आ’ अप्पन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह से आशा करैत छी। रचनाक संग ई घोषणा रहय-जे ई रचना मौलिक अछि आ’ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह(पाक्षिक)-ई-पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि।मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्रतासँ (सात दिनमे) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत।

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