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विदेह (दिनांक 01 मार्च, 2008)वर्ष: 1 मास: 3 अंक: 5

In मिथिला, मैथिल, मैथिली, विदेह, videha on जुलाई 23, 2008 at 8:38 अपराह्न

विदेह (दिनांक 01 मार्च, 2008)
संपादकीय
वर्ष: 1 मास: 3 अंक: 5
पिछला पक्षमे हम दरभंगा गेल छलहुँ, अपन भतीजीक विवाहमे। ओतय मिथिला रिसर्च इंस्टीट्युट आ’ संस्कृत विश्वविद्यालयक भ्रमण कएलहुँ।सर्वश्री भीमनाथ झा, मैथिलीपुत्र प्रदीप, रघुवीर मोची(अध्यक्ष,मैथिली अकादमी), विश्वनाथ झा(प्रतिकुलपति का. सि. दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय), देवनारायण यादव( अध्यक्ष, मिथिला रिसर्च इंस्टीट्युट) लोकनिक दर्शनक सुअवसर प्राप्त भेल। फेर बिदेश्वरस्थानसँ आँगा गौरीशंकर स्थान( हैंठी बाली) गेलहुँ, आ’ ओतय पालवंशक मूर्त्ति आ’ ओहि पर मिथिलाक्षरमे लिखल अभिलेखक चित्र खिंचलहुँ(फोटो मिथिलाक खोज स्तंभमे देखू)। ई मूर्ति भव्य अछि, आ’ 1500 वर्ष पूर्व मिथिलाक्षरक प्रभुता देखबैत अछि।एहि पर शोध लेख आँगाक कोनो अंकमे देल जायत। मिथिलाक इतिहासमे एहि स्थलकेँ आइसँ पहिने स्थान नहि देल जा’ सकल छल, आ’ ईहो तथ्य अछि जे इतिहासक विद्वान श्री डी.एन. झा अही गामक छथि, ओना हैठी बाली हमर मामा गाम सेहो छी। हम गेल तँ रही अपन भतीजी डॉ स्वीटी ठाकुर आ’ श्री प्रदीप कुमार झा, भा.प्र.से. केर विवाहमे मुदा बेशी काल अपन स्वार्थमे गाम-गाम घुमैत रहलहुँ, सरिसवक अयाची मिश्रक घरारी(सवा कट्ठा) देखल, नागेन्द्र कुमर जीक ससरफानी(स्वतंत्रतासँ पहिने प्रकाशित) ऊपर कएल, किछु मिथिलाक्षरक पांडुलिपिक इमेज लेलहुँ, मिथिलाक रत्नक पौतीकेँ समृद्ध करबाक हेतु सेहो ढ़ेर रास चित्रक संग्रह कएलहुँ आ’ दिल्ली दू गोट किताबक बोझक संग अएलहुँ। श्री विभूति आनन्द आ’ श्री धीरेन्द्र झा जीसँ भेँटक अवसर एहि हूलि मालिमे हाथसँ निकलि गेल।नेपालक मैथिलीक विद्वान लोकनिसँ संपर्क निरंतर होय तकर प्रयास सेहो शुरू कएलहुँ। जनकपुरमे तीनटा मैथिली एफ.एम. अछि आ, एकटाक निर्देशन श्री महेन्द्र मलंगियाजी कए रहल छथि।
अपनेक रचनाक आ’ प्रतिक्रियाक प्रतीक्षामे।
नई दिल्ली 01/03/08 গজেন্দ্র ঠাকুব
विदेह 01 मार्च 2008 वर्ष 1 मास 3 अंक 5
एहि अंकमे अछि:- 1. शोध लेख: मायानन्द मिश्रक इतिहास बोध (आँगा)
2. उपन्यास सहस्रबाढ़नि (आँगा)
3. महाकाव्य
महाभारत (आँगा)
4. कथा आर्या
5. पद्य -ज्योति झा चौधरी
-अन्यान्य कविता
6. संस्कृत शिक्षा (आँगा)
7. मिथिला कला- चित्रकला (आँगा) चित्रकार उमेश कुमार महतो
8. संगीत शिक्षा
9. बालानां कृते
10. पंजी प्रबंध (आँगा) – लेखक- विद्यानंद झा पञ्जीकार
11. मिथिला आ’ संस्कृत

12. भाषा आ’ प्रौद्योगिकी
13. रचना लिखबासँ पहिने… (आँगा)
14. प्रवासी मैथिल English मे
(c) २००८ सर्वाधिकार सुरक्षित। (c)२००८.सर्वाधिकार लेखकाधीन आऽ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।
‘विदेह’ (पाक्षिक) संपादक- गजेन्द्र ठाकुर। एतय प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक/संग्रहकर्त्ता लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/आर्काइवक/अंग्रेजी-संस्कृत अनुवादक अधिकार एहि ई पत्रिकाकेँ छैक। रचनाकार अपन मौलिक आऽ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) ggajendra@yahoo.co.in आकि ggajendra@videha.co.in केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx आऽ .txt फॉर्मेटमे पठा सकैत छथि। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आऽ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आऽ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक 1 आऽ 15 तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि।
रचनाक अनुवाद आ’ पुनः प्रकाशन किंवा आर्काइवक उपयोगक अधिकार किनबाक हेतु ggajendra@videha.co.in पर संपर्क करू। एहि साइटकेँ प्रीति झा ठाकुर, मधूलिका चौधरी आ’ रश्मि प्रिया द्वारा डिजाइन कएल गेल।
सिद्धिरस्तु

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