VIDEHA

विदेह दिनांक 15 फरबरी, 2008 (वर्ष: 1 मास: 2 अंक: 4 ) 1. शोध लेख: मायानन्द मिश्रक इतिहास बोध (आँगा)

In कथा, कविता, पञ्जी, पद्य, मैथिली, रचना, विदेह, व्यंग्य, संस्कृत, maithili, samskrit, sanskrit, videha on जुलाई 23, 2008 at 4:12 पूर्वाह्न

1. शोध लेख: मायानन्द मिश्रक इतिहास बोध (आँगा)
अग्ना-शैला सँ शुरू होइत अछि दोसर भाग। 10000 ई.पू.।भाषाक आरंभक प्रारंभ मायानन्द मिश्र एहिमे प्रकट कएने छथि।एहिमे बड्ड नीकजेकाँ संकेत भाषासँ ध्वनिक संबंध परिलक्षित कएल गेल अछि। चलंत सँ स्थिर जीवनक शुरुआत सेहो देखायल गेल अछि। तकर बाद शैला कराली अध्यायक प्रारंभ होइत अछि। 7500 वर्ष पूर्वसँ। गौ पालनक चर्चा होइत अछि, गायक संख्यामे पर्याप्त वृद्धि भेल छल। सभ रहथि चरबाक, चर्म वस्त्र्धारी आ’ कटिमे पाथरक हथियार। भेड़, बकरी आ’ सुग्गर छल किछु आन पोसिया जंतु जात। घासक रस्सी, त्रिशूल आ’ नागदेवक चर्चा होइत अछि। बाक नाम आब भ’ जाइत अछि, ओजा। दलाग्राक नाम पड़ैत अछि शैला कराली।पशुक संख्या बढ़ल तँ पशुक चोरि सेहो शुरू भ’ गेल।पीपरक गछक नीचाँ बैठकीक शुरुआत भेल। करालीकेँ अंबा नाम पड़ल।
कराली-महेष अध्यायमे 5000 ई.पू. मे कृषिक प्रारम्भ देखाओल गेल अछि। महेष बीया बागु कए रहल छथि। जवकेँ पका क’ खयबाक चर्चा होइत अछि। आब धारक नाम सेहो राखय जाय लागल।महेष कुल द्वारा पोस केर माँस खेनाइ तँ एकदम निषिद्ध भ’ गेल।ओजा लिंग स्थानमे बैसल रहैत छलाह।
तकर बाद महेष-पारवती अध्याय शुरु होइत अछि 4 सँ 5 हजार वर्ष पूर्व।धानक फसिलक प्रारंभ भेल।पारवती जहिया अयलीह तहिया लाल माटि माथमे ओतुक्का प्रथाक अनुसार लगा देल गेल। पुत्रक नाम गणेष पड़ल। एहिसँ पहिने संतानक परिचय नहि देल जाइत छल।

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