VIDEHA

विदेह 01 अप्रैल 2008 वर्ष 1 मास 4 अंक 7 2. उपन्यास सहस्रबाढ़नि (आँगा)

In उपन्यास, First Maithili Language Blog, maithil, maithili, Maithili Epic, Maithili Novel, Maithili Story, maithils, Mithila, Nepal, samskrit, Tirbhukti, Tirhut, videha on जुलाई 26, 2008 at 5:56 पूर्वाह्न

2. उपन्यास सहस्रबाढ़नि (आँगा)
आ’ नियत तिथिकेँ शुरू भेल दानवीर दधीची नाटक।स्कूल खुजबासँ किछु काल पहिनहि हम सभ पहुँचि गेलहुँ स्कूल। बरण्डाक एक कोनमे गाम परसँ आनल चद्दरिक पर्दा बनल। रस्सी ठीकसँ नहि लागि सकल से ईएह निर्णय भेल चद्दरिकेँ ऊपर उठा-खसा कए काज निकालल जाएत।तकरा बाद कलाकार सभ अपन अप ड्रेस पहिरए लगलाह। ड्रेस की छल मात्र पाउडर लगा’ कय आ’ गमछा, धोती पहिरि कय सभ सभ तरहक ड्रेस पहिरि लेलक। जाहि मास्टरसाहेबक ड्यूटी लागल छल नाटकक संचालनक हेतु, हुनका कोनो आवश्यक कार्य मोन पड़ि गेलन्हि, से ओ’ ओहि दिन छुट्टी मारि देलन्हि। गामक पैघ तुरियाकेँ तावत बुझबामे आबि गेलैक,जे प्राइमरी स्कूलक छौड़ा सभ नाटक क’ रहल अछि। से तुरत्तेमे दस टा पैघ बच्चा सभ जूटि गेल आ’ पिहकारी देनाइ शुरू क’ देलन्हि। हम सभ कलाकारकेँ कहलियन्हि, जे ई सभ उत्तेजित क’ कय हमर सभक नाटककेँ दूरि करत। मुदा छोटे भाइ भीड़ि गेलाह।कहय लगलाह जे हे बौआ सभ, हम नाटकक ड्रेसमे छी, तेँ ई नहि बुझू जे मारि नहि करब। एखने ड्रेस फेकि-फाइक क’ हम सभ कर्म क’ दइ जायब अहाँ सभकेँ। मुदा पिहकी पारनहारक संख्यामे घटती नहि भेल। आ’ छोटे भाइ बाजि उठलाह जे छोड़ू आइ एहि नाटककेँ। हिनका सभक बदमस्ती हम एखने ठीक करैत छी। आ’ खुट्टा उखाड़ि कय दौड़लाह। तावत थाम्ह-थोम्ह करय बलाक जुमान भ’ गेलैक आ’ तकरा संगहि नाटक दानवीर दधीची जे हमर लिखल छल आ’ जकर मंचनक निर्देशन हम करए बला छलहुँ, बीचहिमे खतम भ’ गेल। किछु दिन धरि छोटे भाइसँ मूहा-फुल्ली रहल। ओ’ आबथि आ’ कहथि जे की करू, तामस उठि गेल छल। ओहो सभ अतत्तह क’ देने छल। फेर किछु दिनुका बाद सभटा सामान्य भ’ गेल। रामलीलाक आ’ नाटकक भूत सेहो एहि घटनाक बाद हमरा परसँ उतरि गेल।
(अनुवर्तते)

(c)२००८. सर्वाधिकार लेखकाधीन आ’ जतय लेखकक नाम नहि अछि ततय संपादकाधीन।

विदेह (पाक्षिक) संपादक- गजेन्द्र ठाकुर। एतय प्रकाशित रचना सभक कॉपीराइट लेखक लोकनिक लगमे रहतन्हि, मात्र एकर प्रथम प्रकाशनक/ आर्काइवक/ अंग्रेजी-संस्कृत अनुवादक ई-प्रकाशन/ आर्काइवक अधिकार एहि ई पत्रिकाकेँ छैक। रचनाकार अपन मौलिक आऽ अप्रकाशित रचना (जकर मौलिकताक संपूर्ण उत्तरदायित्व लेखक गणक मध्य छन्हि) ggajendra@yahoo.co.in आकि ggajendra@videha.co.in केँ मेल अटैचमेण्टक रूपमेँ .doc, .docx आ’ .txt फॉर्मेटमे पठा सकैत छथि। रचनाक संग रचनाकार अपन संक्षिप्त परिचय आ’ अपन स्कैन कएल गेल फोटो पठेताह, से आशा करैत छी। रचनाक अंतमे टाइप रहय, जे ई रचना मौलिक अछि, आऽ पहिल प्रकाशनक हेतु विदेह (पाक्षिक) ई पत्रिकाकेँ देल जा रहल अछि। मेल प्राप्त होयबाक बाद यथासंभव शीघ्र ( सात दिनक भीतर) एकर प्रकाशनक अंकक सूचना देल जायत। एहि ई पत्रिकाकेँ श्रीमति लक्ष्मी ठाकुर द्वारा मासक 1 आ’ 15 तिथिकेँ ई प्रकाशित कएल जाइत अछि।

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